रोज़ाना चार घन्टे से कम सोने की वजह से बलड परेशर बढ़ जाता है और दिल की बीमारियों के संभावित खतरे में भी इजाफा हो जाता है । कम सोने से धुंधला दिखना , कम दिखायी देना जैसी समस्याएं हो जाती हैं इसलिये इस हकीकत को नज़र अन्दाज़ न करें कि आप जितना कम सोयेंगे उतनी ही परेशानियां बढ़ेंगी । कम सोने वालों में हारमून का समीकरण बिगड़ जाता है अतः भूक में बढ़ोतरी होने और हाई किलोरीज वाले ( मुरग्गन ) खाद्य पदार्थ खाने का रूजहान बढ़ने की वजह से शारीरिक वजन में भी बढ़ोतरी होती है अर्थात मोटापा बिन बुलाये मेहमान की तरह आकर जी का जंजाल बन जाता है । शारीरिक क्षमता इन्देमाल ( Healing Capacity ) कम हो जाती है अर्थात मामूली सा ज़ख्म भी काफी दिनों में ठीक होता है । कम सोने से शरीर की रक्षात्मक शक्ति अर्थात बीमारियों से सुरक्षित रखने की प्राकृतिक शारीरिक व्यवस्था कम हो जाती है जिसके कारण विभिन्न बीमारियों में लिप्त होने की संभावनाओं में बढ़ोतरी हो जाती है । पाचन व्यवस्था खराब हो जाता है , कब्ज , बदहजमी , तेजाबियत जैसी बीमारियों के सबब भी परेशानियों में वृद्धि हो जाती है । चिड़चिड़ापन , डिपरेशन और तनाव से कम सोने की दिमागी फिजा बन जाती है । रात में बार बार पेशाब की जरूरत पड़ती है । स्पष्ट रहे कि नींद की हालत में पेशाब कम बनता है जबकि जागने की हालत में पेशाब ज्यादा बनता है अल - रमायर्स अर्थात अशा होने का खतरा बढ़ जाता है । शूगर की बीमारी का मार्ग प्रशस्त हो जाता है । इन सब नुकसानात से बचने का कामयाब नुसखा भरपूर नींद है 0 अबू हुरैरा रज़िअल्लाहो तआला अन्हो बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमायाः बदगुमानी से बचो , निसन्देह बदगुमानी सबसे झूठी बात है । ( बुखारी ) अबू हुरैरा रज़िअल्लाहो तआला अन्हो बयान करते हैं कि रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमायाः बन्दा बिना सोचे समझे ऐसी बात कह देता है जिसकी वजह से वह जहन्नम में इतनी गहराई में पहुंच जाता है जितनी पश्चिम और पूर्व की दूरी है । ( बुखारी - मुस्लिम ) अबू हुरैरा रज़िअल्लाहो तआला अन्हो बयान करते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया : बेशक अल्लाह को भी गैरत आती है । और अल्लाह की गैरत यह है जब मोमिन अल्लाह की हराम की हुयी 1 चीज़ों को करता है । ( बुखारी - मुस्लिम )


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