राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका
युवा किसी भी राष्ट्र का अभिन्न अंग होते हैं | उनसे हमें आपार
आशाएं एवं कामनाएं संबंधित होते हैं |किसी भी देश का उज्जवल भविष्य उसके अपने युवाओं पर निर्भर होता है |युवा शक्ति उस देश की सबसे बड़ी ताकत तथा सर्वोत्तम मूल्यवान संपत्ति होते हैं| युवा अवस्था मानव जीवन का एक ऐसा चरण है|
जिसमें पर्वतों को चीर कर मार्ग बनाने तथा चट्टानों से टकराने का साहस होता है |क्योंकि युवा आयु में कठिन परिश्रम ,सतत अभ्यास ,अनंत योग्यताएं, ऊर्जा, उत्साह की सक्षम शक्ति होती है |यही कारण है कि भारत के महापुरुष स्वामी विवेकानंद ने कहा था" मुझे कुछ साहसी और ऊर्जावान युवा पुरुष मिल जाए, तो मैं देशभर में क्रांति ला सकता हूं "भारत को अंग्रेजों से मुक्ति दिलाने में युवा शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई |स्वतंत्रता संग्राम में असंख्य वीरों व सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी |हजारों युवक जेलों में बंद रहे |उन्होंने आजीवन कारवास में सजा भोगी | अनगिनत युवक फांसी के फंदे पर लटका दिए गए |
किसी भी देश की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विकास तथा प्रगति के लिए देश के युवाओं को जिम्मेदार माना जाता है |नेल्सन मंडेला के कथनानुसार "आज के युवा कल के नेता है" वर्तमान में भी युवाओं ने विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ऐसे आश्चर्यचकित सेवाएं की | जैसा कि Albert Einstein ने भारतवर्ष की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए लिखा है कि "संपूर्ण मानव जाति को उस भारत का ऋणी होना चाहिए जिसने विश्व को शुन्य
दिया है "जो इतिहास के पन्नों पर सदैव स्वर्णअक्षरों में अंकित रहेगी किसी कवि ने क्या ही कहा है|
देश की तरक्की का युवा होते प्रमुख आधार
प्रबल कंधों पर इनके होता राष्ट्र निर्माण की भार
प्रिय सज्जनों : युवा राष्ट्र की मजबूत नींव होते है| आज के युवा कल के उम्मीद है |युवाओं के पास अत्यंत प्रतिभा एवं क्षमता होता है |युवा पीढ़ी अपने दायित्वों को दृढ़ संकल्प ,लगन तथा पूरे आत्मविश्वास के साथ निभाना चाहिए| युवा शक्ति से ही अमेरिका, जापान ,फ्रांस , चीन एवं जर्मनी जैसे विकसित देशों में में तीव्रता से विकास क्या है| |आधुनिक युग विज्ञान का युग है |युवाओं की रचनात्मक सृजनात्मक शक्ति का उपयोग राष्ट्र की सर्वांगीण विकास के लिए करना चाहिए| आज का युवा वर्ग अपनी बुद्धि और सहजता से समाज को एक नया स्वरूप दे सकता है |अपने आप को आत्मनर्भर बनकर अपने देश को एक नई दिशा प्रदान कर सकता है किसी कवि ने कहा है|
शिक्षा काल में निर्मित विद्यार्थियों से
एक कुशल नागरिक बनेगा,
अतः देश वही सच्चा होगा जिसका
युवा वर्ग परिश्रमी होगा !
परंतु हमारे लिए खेद जनक बात यह है कि आज हमारा देश भारत आतंकवाद भ्रष्टाचार अपहरण, गंदगी की समस्या ,सामाजिक अंधविश्वास ,जात पात जैसे अनेकों अनेक समस्याओं से जूझ रहा है| जैसा कि किसी ने क्या खूब कहा है|
बढ़ती विडंबना से इस जग को कौन उबारे
इस गंभीर चुनौती को अब युवा शक्ति स्वीकारें,
ऐसे विषम परिस्थितियों में युवाओं की कर्तव्य है कि हमारी प्राचीन संस्कृति हिंदू ,मुस्लिम ,सीख ,ईसाई आपस में हम सब भाई भाई बन कर रहे| युवाओं को राष्ट्र की आवाज मानी जाती है |वे किसी भी मुद्दे पर अपनी आवाज उठा सकते हैं |युवा शक्ति जब किसी कार्य के लिए जुट जाती है| तो उस कार्य की सफलता शत प्रतिशत सुनिश्चित हो जाती है |युवाओं को भारतीय संविधान के सिद्धांतों एवं नियमों की आज्ञा पालन करना चाहिए |साथ ही हमारी प्राचीन ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहर की संरक्षा करनी चाहिए| यदि युवा शक्ति का उपयोग हमारे राष्ट्र के निर्माण के लिए समझदारी से किया जाना चाहिए तो यह निश्चित रूप से राष्ट्रीय विकास का कारण बन सकता है|
सूरज का भी तेज लिए जो....
है युवा वो शक्तिशाली...
खंड नहीं कर सकता जिसको,
है उस अखंड देश की डाली..

