Always we should speak sweet and slow.

[Source](https://scripts.americanschoolofhypnosis.com/speaking-slower-hypnosis-script/)
तुलसी मीठे बचन ते सुख उपजत चहुँ ओर |
बसीकरन इक मंत्र है परिहरू बचन कठोर ।। °
**अर्थ : तुलसीदासजी कहते हैं कि मीठे वचन सब ओर सुख फैलाते हैं |किसी को भी वश में करने का ये एक मन्त्र होते हैं इसलिए मानव को चाहिए कि कठोर वचन छोडकर मीठा बोलने का प्रयास करे | कई हद तक यह सच है कि अगर हम अच्छी बात को भी ऊँची आवाज में बोलते है तो सुनने वाले खराब लगता है ठीक उसी प्रकार अगर बुरी बात को धीरे से कहते है तो सुनने वाले यह अच्छा लगता है। अगर आपके पास मीठी जुबान है तो समझे की यह आपका सबसे बड़ा दौलत है। अगर आपकी जुबान कड़वी है आपकी जुबान से आपके दोस्त रिश्तेदार नाख़ुश हे तो तो यह जुबान आपकी सबसे बड़ा दुश्मन है।**

