सुबह काफी देर से उठा, क्योंकि रविवार की छुट्टी है। करीब 7 बजे उठा तो मैं अपने किचन में गया। वहाँ मैंने एक गिलास गर्म पानी पिया। उसके बाद मैं फ्रेश होने चला गया। कुछ समय बाद मैंने अपना अभ्यास शुरू किया। आज मैंने कुछ नए अभ्यास सीखे हैं। मुझे उम्मीद है कि मैं जल्द ही सब सीख लूंगा।

कई दिनों के बाद घर में गुलाब घर में खिला है। लगभग 2 महीने और 16 दिन हो गए हैं। इस पौधे की दो गुलाब की कलियाँ एक साथ आती हैं। पहले किसी तरह सूख जाता था। इसलिए इस बार मैंने इसे दीवार के पास रखा है। यह धूप को भी कम करता है। अधिक सूरज मिलने की वजह से इसका फूल सूख गया। जिसके कारण यह पौधा इस बार अच्छी तरह से खिला रहा है। सभी पौधों में हल्का पानी देता हॅू। समय पर खुदाई की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। मैं उनके लिए कुछ खाद भी मिलाता हूं।

लगभग 10 बजे थे। मुझे घर पर अन्य काम दिया गया था। माँ ने कहा कि आपको आज गाय की अच्छी तरह से सफाई करनी है। और उन्हें घास भी डालना है। पहले मैंने अपनी छोटी सी गाय खोली। वह बहुत तेज दौड़ती है। क्योंकि उसे अभी समझ नहीं आ रहा है। कि मैं इसमें चरने के लिए घास दे रहा हूं। फिर मैंने बड़ी गाय को खोला। वह खुद घास खाने चली गई। तब मेरी तीसरी गाय बची है। मैं उसकी गाय को साफ और स्वच्छ कर दूंगा, घास खिलाने के लिए। उनका दूध सुबह निकलता है। लेकिन अब यह बहुत कम दूध दे रही है। केवल 2 किलो दूध प्राप्त हो रहा है।

दोपहार का समय था। यह लगभग 12:45 मिनट है। मैं नहाने के लिए बाथरूम में गया। और वहाँ से आने के बाद अच्छी तरह से साफ किया। और बाद में अपनी रसोई में चला गया। आज खाने के लिए बहुत देर हो चुकी है। इसलिए मैंने पहले इसे अच्छी तरह से छानकर चून लिया। उसके बाद मैं इसमें थोड़ा पानी मिला रहा हूं। लेकिन थोड़ी देर बाद ही। पत्नी आई उसने कहा कि तुम यह काम छोड़ दो। मैं यह कर लूगी। क्योंकि आज उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इसलिए मैंने उसकी मदद करने की सोची है।

शाम हो गई थी। फिर मैं दोस्तों के पास पहुँच गया। हमने वहां पर कुछ फल खाया। मेरा पसंदीदा केला ले आया है। हम सबने मिलकर दो-दो केले खाए। उसके बाद हमारे पास 4 केले बच गये। मैं उन्हें घर ले आये। और मैंने अपनी माँ को दो केले दिए। और अपने बेटे को दो केले दिए। उसके बाद उसने वह केला खाया। वहां कहते है कि मुझे दो केले ओर चाहिए। मैंने उसे मना कर दिया। लेकिन वह रोने लगा। बच्चे हमेशा वही करते हैं जो वे चाहते हैं। जब उन्हें कुछ खाने को नहीं मिलता। तो वे रोने लगते हैं।

रात हो रही थी। लगभग 9 बजे हैं। एक कम चाय के लिए मुझसे पूछा। फिर मैंने एक कप चाय बनाने की सोची। इसलिए मुझे कुछ चीनी और चाय की पत्तियां चाहिए। मैंने अपना फ्रिज खोला, उसमें से दूध निकाला और एक अलग बर्तन में एक कप दूध निकाला। उसके बाद मैंने इसे हीटर पर रख दिया। क्योंकि आजकल हीटर इलेक्ट्रॉनिक रूप से आ रहे हैं। तीन मिनट में चाय तैयार है। फिर मैंने अलमारी में रखे कप को उठाया। और वहाँ, बहुत सुंदर कप कर्म के अनुसार देखा।
कुछ देर बाद मैं अपने कमरे में चला गया। वहां जाकर अपना लैपटॉप खोलो। उसके बाद मैंने अपने दोस्तों से बात करना शुरू किया। रात के लगभग 11 बज रहे थे। मैं जल्दी सोने की तैयारी कर रहा हूं। लेकिन मुझे अभी भी थोड़ा काम करना है। मैं पूरे दिन काम करने के बाद बहुत थक गया हूं।


